
सिटी पत्रिका 24X7 पोर्टल (तालिब मंसूरी)
फर्रूखाबाद।आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार, फर्रूखाबाद में “उत्तर प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन हेतु राज्य कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनपद को बाल श्रम से अवमुक्त कराने हेतु जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने” के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी ने की।
कार्यशाला में जनपद फर्रूखाबाद को वर्ष 2026 में ही बाल श्रम मुक्त बनाने की रणनीतियों, विभागीय समन्वय एवं प्रभावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

जागरूकता रथ को हरी झंडी, दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी फर्रूखाबाद, पुलिस अधीक्षक, अध्यक्ष व्यापार मंडल, सहायक श्रमायुक्त फर्रूखाबाद, राज्य समन्वयक श्रम विभाग उत्तर प्रदेश, स्टेट कोऑर्डिनेटर (एवीए), एएचटीयू एवं पार्टनर संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर किया गया। इसके पश्चात संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ हुआ।सहायक श्रम आयुक्त नम्रता सिंह ने मंचासीन अतिथियों एवं प्रतिभागियों का परिचय कराया।

बाल श्रम के प्रति संवेदनशील होना हम सबकी जिम्मेदारी : जिलाधिकारी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है और समाज के प्रत्येक वर्ग को इसके प्रति संवेदनशील होना होगा। उन्होंने कहा कि बालक की नैसर्गिक प्रतिभा और क्षमता का विकास इसी आयु में होता है।जिलाधिकारी ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से यह संदेश दिया कि “जो माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखते हैं, वे उनके भविष्य के शत्रु के समान होते हैं।”उन्होंने कहा कि सरकार के उच्च स्तर से भी प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु सभी सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। हम सबको मिलकर वर्ष 2026 में फर्रूखाबाद को बाल श्रम मुक्त बनाना है।
बाल श्रम उन्मूलन की दिलाई शपथ जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। साथ ही “बाल श्रम पूर्ण उन्मूलन की ओर” बैनर पर सभी उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर जनपद को पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त कराने का संकल्प लिया।
बाल श्रम बड़ा अपराध, पुलिस हर पीड़ित के साथ : पुलिस अधीक्षक
कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि बाल श्रम के प्रति जागरूकता फैलाना हर वयस्क की जिम्मेदारी है। यदि बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन मिले तो उनका जीवन बदला जा सकता है।उन्होंने कहा कि बाल श्रम अपने आप में एक बड़ा अपराध है। बच्चे अपने अधिकारों से अनभिज्ञ होते हैं, इसलिए विरोध नहीं कर पाते। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जिसकी कहीं सुनवाई नहीं होती, उसके लिए पुलिस हर समय उपलब्ध है।उन्होंने व्यापार पर बाल श्रम के दुष्प्रभावों की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबका दायित्व है।

दिसंबर 2026 तक आकांक्षी जनपद बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य
श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने कार्यशाला का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त तथा दिसंबर 2026 तक आकांक्षी जनपदों और कानपुर मंडल के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।उन्होंने फर्रूखाबाद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों के आपसी समन्वय, संयुक्त कार्रवाई एवं एक मंच पर कार्य करने पर जोर दिया तथा जनपद के समस्त ईंट-भट्टों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण का अनुरोध किया।
पार्टनर संस्थाओं ने साझा की रणनीति
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के कार्यक्रम समन्वयक अमरेंद्र कुमार ने संस्था का परिचय देते हुए उसके मिशन एवं विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने फर्रूखाबाद में बाल श्रम के विरुद्ध युद्धस्तर पर रणनीति बनाकर कार्य करने तथा श्रम विभाग के साथ कन्वर्जेंस कर बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने पर बल दिया।
टीमों में विभाजित कर तैयार किया गया जिला एक्शन प्लान
कार्यक्रम का संचालन प्रोबेशन अधिकारी सचिन सिंह ने किया। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को टीमों में विभाजित कर एक्टिविटी आधारित चर्चा कराई गई, जिसमें बाल श्रम मुक्त फर्रूखाबाद हेतु जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया गया।थाना स्तर पर बनेगी विशेष टीमकार्यशाला के अंत में सहायक श्रम आयुक्त नम्रता सिंह ने सभी विभागों के बीच कन्वर्जेंस को मजबूत करने एवं बाल श्रम हॉटस्पॉट क्षेत्रों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए, जिससे बाल श्रम की रोकथाम, त्वरित रेस्क्यू एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
कार्यशाला में व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, एएचटीयू, श्रम विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


