
सिटी पत्रिका 24X7 (रिपोर्ट: तालिब मंसूरी)
फर्रुखाबाद। जनपद में निर्वाचन आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान फर्जी फॉर्म-7 को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर ‘पीडीए प्रहरी’ और सपा कार्यकर्ता बूथों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। रविवार को सदर विधानसभा क्षेत्र में भारी संख्या में संदिग्ध फॉर्म मिलने से हड़कंप मच गया।

बूथों पर मिले सैकड़ों संदिग्ध फॉर्मसपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव और जिला महासचिव इलियास मंसूरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सदर विधानसभा के विभिन्न बूथों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:बूथ संख्या 83 (कांशीराम कॉलोनी): वैभव अग्निहोत्री के नाम से 80 फॉर्म।बूथ संख्या 85: ऋषभ दुबे के नाम से 87 फॉर्म।बूथ संख्या 86: अरविंद श्रीवास्तव के नाम से 46 फॉर्म।बूथ संख्या 87: विनीत वाजपेई के नाम से 63 फॉर्म बरामद किए गए।

हस्ताक्षर फर्जी, हमें जानकारी ही नहीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा महासचिव इलियास मंसूरी ने व्यक्तिगत रूप से आवेदनकर्ताओं (अरविंद श्रीवास्तव और विनीत वाजपेई) से संपर्क किया। पूछताछ में दोनों ने फॉर्म जमा करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर गलत तरीके से ये आवेदन दिए गए हैं, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सपा का आरोप: सरकार की मिलीभगत से चल रहा खेल
जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “यह सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर तानाशाही थोपना चाहती है। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होना यह सिद्ध करता है कि इस घिनौने कृत्य में सत्ता पक्ष खुद शामिल है।
अगला कदम: जिलाधिकारी और शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी रिपोर्टइलियास मंसूरी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से मुलाकात कर साक्ष्य सौंपे जाएंगे। साथ ही, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी पूरी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इस दौरान जिला सचिव राधेश्याम सविता, शिव शंकर शर्मा, विनय भारद्वाज, शीलू खां समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।निर्वाचन प्रक्रिया में इस तरह की गड़बड़ी के आरोपों ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन ‘फर्जी’ आवेदनों पर क्या कार्रवाई करता है।


