फर्रुखाबाद।सिटी पत्रिका 24X7:शहर के निरीक्षण भवन में उस समय भावुक माहौल बन गया जब अपने पति से मिलने की मांग को लेकर एक युवती महिला आयोग सदस्य के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। पीड़िता बार-बार यही गुहार लगाती रही कि उसे उसका पति वापस दिलाया जाए।जानकारी के अनुसार बुलंदशहर निवासी स्वाति का विवाह फर्रुखाबाद के एक गुप्ता परिवार के युवक सजल से हुआ था। स्वाति का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उसे घर से बाहर कर दिया। इसके बाद से वह लगातार अपने पति और ससुराल वालों से साथ रखने की मांग कर रही है। बताया जा रहा है कि स्वाति पिछले दो दिनों से अपने पति के घर के बाहर बैठकर विरोध जता रही थी। मामला जब महिला आयोग सदस्य सुनीता सैनी के संज्ञान में आया तो उसे निरीक्षण भवन बुलाया गया। वहां स्वाति का दर्द छलक पड़ा और वह रोते हुए अपने पति को वापस दिलाने की गुहार लगाने लगी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग सदस्य ने स्वाति को फिलहाल 15 दिनों के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण में रखा जा सके और आवश्यक सहायता मिल सके। वहीं पति सजल को भी निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय के भीतर दोनों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जाए। इसी दौरान निरीक्षण भवन में एक अन्य शिकायत भी सामने आई। एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी ने जिला क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर यादव पर संविदा कोच का वेतन रोके जाने का आरोप लगाया। इस पर महिला आयोग सदस्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी को 24 मार्च को लखनऊ स्थित महिला आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि तय तिथि पर उपस्थित न होने की स्थिति में खेल निदेशालय को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।निरीक्षण भवन में हुई इन घटनाओं ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब देखना होगा कि स्वाति और उसके पति के बीच चल रहा विवाद आगे किस दिशा में जाता है और उसे कब तक न्याय मिल पाता



