
फर्रुखाबाद। सिटी पत्रिका 24X7 “इंसान वही है जो इंसान को इंसान से जोड़ दे”, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय राजेंद्र नाथ कटियार जी के ये शब्द आज भी फर्रुखाबाद की फिजाओं में गूंज रहे हैं। मौका था उनकी सातवीं पुण्यतिथि का, जहां उन्हें याद करते हुए समाज के प्रति उनके निस्वार्थ योगदान को नमन किया गया।


मंगलवार, 10 मार्च 2026 को अजय कटियार के निवास पर गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने शिरकत कर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। संगठन के नेताओं ने कहा कि स्वर्गीय कटियार ने हमेशा किसानों और मजलूमों की आवाज को बुलंद किया, यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं।

अपने पिता को याद करते हुए उनके पुत्र किसान नेता अजय कटियार व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विजय कटियार ने कहा कि बाबूजी का जीवन एक खुली किताब की तरह था, जिसने हमें सिखाया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी इंसान को हार नहीं माननी चाहिए। उनके द्वारा कही गई पंक्तियाँ— “इंसान है वो जो पहाड़ तोड़ दे, तूफान रोक दे और दरिया को मोड़ दे”—आज भी नई पीढ़ी को संघर्ष करने और समाज को जोड़ने का हौसला देती हैं। इस श्रद्धांजलि सभा में भाकियू के कई प्रमुख चेहरे और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने स्वर्गीय बाबूजी के साथ बिताए पलों को याद किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव सुशील दीक्षित ने की एवं संचालन जिला प्रवत्ता गोपी शाक्य ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मौजूद रहे कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मीशंकर जोशी, अफरोज मंसूरी,कृष्ण गोपाल मिश्रा, ब्रजेश आदि मौजूद रहे।


