
फर्रुखाबाद (सिटी पत्रिका 24X7) पवित्र माह रमजान के दूसरे अशरे (मगफिरत) के बीच आज तीसरे जुमे की नमाज पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। शहर की जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में हजारों रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाया और देश में खुशहाली व भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी।

जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोअज्जम अली ने नमाज के बाद तकरीर पेश की। उन्होंने बताया कि रमजान का दूसरा अशरा चल रहा है, जो इस्लाम के अनुसार गुनाहों से माफी यानी ‘मगफिरत’ का समय है। मुफ्ती साहब ने हजरत मोहम्मद साहब का जिक्र करते हुए कहा, “वह व्यक्ति बदनसीब है जिसे रमजान जैसा पाक महीना मिला, लेकिन वह अपने रब को राजी न कर सका।” उन्होंने रोजेदारों से सच्चे दिल से तौबा करने और इबादत में समय बिताने की अपील की।



जुमे की नमाज के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफी पुख्ता रही। प्रशासन ने प्रमुख चौराहों और मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया था। मौके पर सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, शहर कोतवाल दर्शन सिंह सोलंकी, थाना प्रभारी अजब सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर रमजान की मुबारकबाद दी।


