
फर्रुखाबाद। (सिटी पत्रिका 24X7) ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर फैलते ही फर्रुखाबाद में देर रात तक माहौल भावुक और तनावपूर्ण बना रहा। शिया और सुन्नी मुसलमानों में इस खबर को लेकर गहरा शोक और नाराज़गी देखने को मिली। शहर की सड़कों पर ग़म और आक्रोश का ऐसा दृश्य नजर आया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

शहर के त्रिपोलिया चौक से मऊदरवाजा स्थित दरगाह हजरत अब्बास तक हजारों की संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। हाथों में मोमबत्तियां, पोस्टर और बैनर लिए बच्चे, युवा, बुज़ुर्ग और महिलाएं शांत लेकिन ग़मगीन कदमों से आगे बढ़ते रहे। रास्ते भर नारेबाज़ी होती रही और माहौल पूरी तरह शोक में डूबा

कैंडल मार्च के दौरान कई स्थानों पर लोग रुक-रुक कर दुआ करते और नम आंखों से अपने जज़्बात बयां करते दिखे। दरगाह हजरत अब्बास पहुंचकर मातम किया गया, जहां फिज़ा पूरी तरह ग़मगीन हो गई। इसके बाद कर्बला और सुनहरी मस्जिद में मजलिस का आयोजन हुआ।

मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने कहा कि यह घटना पूरी इस्लामी दुनिया के लिए गहरा सदमा है और इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।हालात की नज़ाकत को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सदर कोतवाली पुलिस बल के साथ सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय स्वयं मौके पर मौजूद रहीं।

पूरे कार्यक्रम पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।देर रात तक शहर में शोक की लहर बनी रही। जगह-जगह लोग समूहों में इस घटना पर चर्चा करते और भावुक होते नजर आए। फर्रुखाबाद की यह रात ग़म, आक्रोश और श्रद्धांजलि के नाम रही, जिसने पूरे शहर को एक भावनात्मक माहौल में बांध दिया। इस मौके पर फरहत अली जैदी,यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अम्मार अली जैदी एवं सैकड़ों शिया व सुन्नी समुदाय के लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट: जिला संवाददाता फैसल खान की


