
मैक्स हेल्थ रिलीफ हॉस्पिटल के मालिक डॉ0 समीर राजा बताते है रमज़ान के पवित्र महीने में रखा जाने वाला रोज़ा केवल एक धार्मिक फ़र्ज़ ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। डॉ समीर राजा के अनुसार, यदि रोज़ा सही तरीक़े और संतुलित आहार के साथ रखा जाए, तो यह शरीर और मन—दोनों के लिए फायदेमंद सिद्ध होता है।
पाचन तंत्र को मिलता है आराम: दिन में लंबे समय तक भोजन न करने से पाचन तंत्र को विश्राम मिलता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, अपच और एसिडिटी में कमी आती है।शरीर अपनी ऊर्जा का उपयोग मरम्मत और शुद्धिकरण में करता हैl शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स रोज़ा शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को तेज करता है। लंबे अंतराल तक भोजन न मिलने पर शरीर जमा हुए विषैले तत्वों को बाहर निकालने लगता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है।
वजन और शुगर नियंत्रण में सहायक: संतुलित सहरी और सादा इफ्तार अपनाने से अनावश्यक कैलोरी का सेवन कम होता है। इससे वजन नियंत्रित रहता है और डायबिटीज़ के मरीज़ों में शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
मानसिक शांति और तनाव में कमी:रोज़ा केवल शरीर को नहीं, बल्कि दिमाग़ को भी सुकून देता है। संयम, इबादत और सकारात्मक सोच से तनाव कम होता है, नींद बेहतर होती है और मानसिक संतुलन बना रहता है।
रोज़ा रखते समय रखें ये सावधानियां:सहरी में प्रोटीन, फाइबर और तरल पदार्थ शामिल करेंइफ्तार में तली-भुनी और अधिक मीठी चीज़ों से बचेंपानी की पर्याप्त मात्रा लेंबीमार, बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगी रोज़ा रखने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें
अंत में डॉ समीर राजा के अनुसार, रोज़ा सही जीवनशैली और संतुलित खानपान के साथ रखा जाए तो यह न केवल आत्मिक शुद्धि का साधन है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक प्राकृतिक वरदान है।



