
रिपोर्ट:तालिब मंसूरी
फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए फर्जी फॉर्म-7 पकड़े जाने का दावा किया है। सपा नेताओं का कहना है कि जनपद में लगातार जीवित और वैध मतदाताओं के नाम काटने की साजिश की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।सपा जिला नेतृत्व के अनुसार, विधानसभा सदर (194) के नवाब दिवाकर जंग क्षेत्र के बूथ संख्या 276 पर 66, 277 पर 130 तथा बजरिया बड़ा खेल बूथ संख्या 278 पर 14 फर्जी फॉर्म-7 भरे जाने की सूचना मिली। यह जानकारी मिलते ही जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव को अवगत कराया, जिसके बाद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।मौके पर मौजूद क्षेत्रीय मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम कटवाने के उद्देश्य से फर्जी फॉर्म-7 में वैभव सक्सेना, रंजीत कश्यप और उमेश कश्यप को आवेदनकर्ता दर्शाया गया है। मतदाताओं का यह भी आरोप है कि सुपरवाइजर संजीव दुबे लेखपाल द्वारा ये फॉर्म बीएलओ को दिए गए।
बीएलओ पर दबाव का आरोप
जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने कहा कि सूचना मिली है कि संबंधित बीएलओ पर दबाव बनाकर बिना मतदाताओं को सूचित किए हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उन्होंने इसे न सिर्फ शर्मनाक बल्कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। सपा ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत निर्वाचन आयोग और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से करने की बात कही है।
मताधिकार से वंचित करना राष्ट्रद्रोह जैसा
जिला प्रवक्ता/सचिव राधेश्याम सविता ने कहा कि नैतिक रूप से हार चुकी भाजपा आगामी चुनावी हार के डर से इस तरह की साजिशें कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सब नहीं रुका तो जिन मतदाताओं को कागजों में मृत दिखाया जा रहा है, वे स्वयं निर्वाचन आयोग के दरवाजे पर पहुंचकर अपने अधिकार की मांग करेंगे।


