
फर्रुखाबाद | सिटी पत्रिका 24X7मुकद्दस महीने शाबान की 14वीं तारीख यानी शब-ए-बारात की रात आज फर्रुखाबाद जनपद में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जा रही है। मंगलवार शाम मगरिब की नमाज के बाद से ही शहर की मस्जिदों और कब्रिस्तानों में रौनक दिखाई देने लगी। ‘मग्फिरत की रात’ कहे जाने वाले इस पर्व पर मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की बारगाह में गुनाहों से तौबा कर रहे हैं।

- कब्रिस्तानों में खिराज-ए-अकीदत
फर्रुखाबाद शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों में सफाई और रोशनी के विशेष इंतजाम किए गए थे। ईशा की नमाज के बाद बड़ी संख्या में पुरुष कब्रिस्तानों की ओर रवाना हुए, जहां उन्होंने अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ा और उनके लिए मगफिरत की दुआ की। फूलों की खुशबू और अगरबत्तियों की महक से जिले के कब्रिस्तान गुलजार रहे।
- मस्जिदों में गूंजी दुआएं
शहर की जामा मस्जिद समेत अन्य प्रमुख मस्जिदों में नफिल नमाजों और कुरआन की तिलावत का सिलसिला पूरी रात जारी है। उलेमाओं ने इस रात की फजीलत बयान करते हुए बताया कि इसी रात बंदों के साल भर का लेखा-जोखा और तकदीर लिखी जाती है। घरों में महिलाएं भी इबादत में मशगूल रहीं।

प्रशासन और उलेमाओं की अपील
हुड़दंग पर पाबंदी: शहर काजी मुताहिर अली और अन्य मौलानाओं ने युवाओं से विशेष अपील की है कि वे सड़कों पर बाइक से हुड़दंग न करें और इस रात को केवल इबादत और खामोशी के साथ गुजारें।पुलिस मुस्तैद: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फर्रुखाबाद पुलिस अलर्ट मोड पर है।
प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट तैनात की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
- कल रखा जाएगा रोजा
इस मुकद्दस रात की इबादत के बाद, बुधवार (4 फरवरी 2026) को अकीदतमंद नफिल रोजा रखेंगे। शब-ए-बारात के इस पर्व के साथ ही अब माह-ए-रमजान की तैयारियों की आहट भी शुरू हो गई है।
फैसल खान की रिपोर्ट


