
फर्रुखाबाद CMO कार्यालय पर 15 दिसंबर से आशा वर्कर्स का धरना जारी है, राज कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर अड़ी।एवं न्यूनतम वेतन, वाउचर सिस्टम खत्म कर डायरेक्ट भुगतान समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आशा वर्कर्सआल इंडिया आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जनपद फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर आशा वर्कर्स का धरना पिछले 15 दिसंबर से लगातार जारी है। आशा कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।धरने पर बैठीं आशा वर्कर्स की प्रमुख मांगें हैं जिसमें 👉 आशा वर्कर्स को राज कर्मचारी (सरकारी कर्मचारी) का दर्जा दिया जाए।👉 उन्हें न्यूनतम मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए।👉 वर्तमान वाउचर प्रणाली को खत्म कर सीधे डायरेक्ट बैंक खातों में भुगतान किया जाए।कड़ाके की ठंड और लंबे समय से चल रहे धरने के बावजूद महिलाओं का हौसला टूटा नहीं है। धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी हो रही है और प्रशासन और सरकार के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है।यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनकर काम कर रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पा रहा।

यूनियन की सचिव सपना कटियार ने बताया कि वह कई बार ज्ञापन देने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।9 फरवरी को पूरे प्रदेश की आशा वर्कर्स डेरा डालो आंदोलन लखनऊ में करने जा रहे है।जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती,तब तक धरना जारी रहेगा।अब इनकी नजर सरकार और प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब आशा वर्कर्स की मांगों पर फैसला लिया जाएगाफतेहगढ़ से हमारे संवाददाता पंकज कुमार की रिपोर्ट