
रिपोर्ट (तालिब मंसूरी)
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, विक्रमादित्य मार्ग लखनऊ में शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। समाजवादी पार्टी की नीतियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में आस्था जताते हुए बसपा, कांग्रेस, अपना दल (एस) और भाजपा छोड़कर बड़ी संख्या में प्रमुख नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

सपा में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू, दीना नाथ कुशवाहा (पूर्व विधायक देवरिया), राजकुमार पाल (पूर्व विधायक प्रतापगढ़ सदर), डॉ. दानिश खान (एआईएमआईएम, कन्नौज के पूर्व प्रत्याशी), पूर्व एमएलसी श्रीमती हुस्ना सिद्दीकी, श्रीमती पूनम पाल तथा इटावा की पहली ड्रोन पायलट रंजना पाल शामिल रहीं।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ शिव शंकर भुर्जी, शंभू प्रजापति, मौ. अयाज आब्दी, चमन लाल (पूर्व वामसेफ प्रभारी), राधेलाल रावत, राम जियावन, मौलाना जमीर कासमी, अफजल सिद्दीकी, शाहिद शेख सहित अनेक नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इसके अलावा महोबा से भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य आनंद द्विवेदी तथा तौकीर समेत कई अन्य नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ली।

इस मौके पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दावा किया कि करीब 15,718 लोग विभिन्न राजनीतिक दलों को छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नए साथी अनुशासन और एकजुटता के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे। उनका लक्ष्य वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना है, ताकि सत्ता परिवर्तन के साथ सभी वर्गों को न्याय मिल सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत व आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज और समाजवादी पार्टी का रिश्ता गहरा और ऐतिहासिक है। नए साथियों के आने से पार्टी और अधिक मजबूत होगी। 2027 में पीडीए की जीत और बड़ी होगी। यह पीडीए का प्रेम-प्रसार समारोह है और होली से पहले पीडीए होली मिलन जैसा माहौल है।


