
रिपोर्ट: तालिब मंसूरी
फर्रुखाबाद। बजट सत्र के दौरान भोजपुर से विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने सदन में फर्रुखाबाद से जुड़े जमीनी मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए सरकार का ध्यान जिले की उपेक्षित जरूरतों की ओर दिलाया। उनका कहना था कि यदि इन समस्याओं पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो विकास की रफ्तार और धीमी हो जाएगी। विधायक ने जिले में मेडिकल कॉलेज न होने को स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी कमी बताया। उन्होंने कहा कि अब सभी औपचारिक और तकनीकी बाधाएं समाप्त हो चुकी हैं, ऐसे में फर्रुखाबाद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना तत्काल की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि आलू उत्पादन में अग्रणी होने के बावजूद यहां का किसान सबसे अधिक परेशान है। लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज शुल्क और परिवहन खर्च पर सरकारी सहायता देने की मांग करते हुए इसे किसानों के लिए “जीवनरेखा” बताया।

नगरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए विधायक ने कमालगंज क्षेत्र का उल्लेख किया, जहां रोजाना लगने वाले जाम से आमजन और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बाईपास निर्माण को आवश्यक बताया।

धार्मिक और सामाजिक महत्व वाले क्षेत्रों पर भी विधायक ने सदन में बात रखी। श्रृंगीरामपुर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए उन्होंने सड़क चौड़ीकरण, मार्ग सौंदर्यीकरण और दुर्गपुर में काली नदी पर नए पुल के निर्माण की मांग उठाई, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके। प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि कमालगंज ब्लॉक का आकार बहुत बड़ा होने के कारण योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से जहानगंज को अलग ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव उन्होंने सदन के समक्ष रखा।विधायक की इन मांगों को फर्रुखाबाद के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। अब नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि इन मुद्दों पर कब और क्या कार्रवाई होती है।


