
फर्रुखाबाद | सिटी पत्रिका 24X7 रिपोर्ट तालिब मंसूरी
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के पहले ही दिन फर्रुखाबाद के कमालगंज क्षेत्र में बड़ा हादसा सामने आया है। जवाहरलाल प्रेमा देवी जूनियर हाई स्कूल, राठौरा मोहद्दीनपुर में पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाते ही करीब 150 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए।
दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर, तेज पेट दर्द और बेहोशी की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई।
लापरवाही या साइड इफेक्ट?

अचानक इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अवनींद्र कुमार खुद कमालगंज CHC पहुंचे।
हालत गंभीर होने पर कुछ बच्चों को जिला अस्पताल लोहिया रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज मोहम्मदाबाद CHC में चल रहा है।
सरकारी दावों की खुली पोलगौरतलब है कि जिले में आज 10 फरवरी को 9 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर प्रशिक्षण के दावे किए थे, लेकिन इस घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। परिजनों का आरोप है कि दवा की गुणवत्ता संदिग्ध हो सकती है या बच्चों को खाली पेट दवा दी गई, जो इस तरह के रिएक्शन का कारण बनी।
मुख्य बिंदु:क्षेत्र: कमालगंज के राठौरा मोहद्दीनपुर में मची अफरा-तफरी।
प्रभावित: करीब 150 बच्चों की हालत बिगड़ी, कई अस्पताल में भर्ती।प्रशासनिक कार्रवाई: CMO मौके पर मौजूद, मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग।


