फर्रुखाबाद (सिटी पत्रिका 24X7)। आज पूरा विश्व ‘विश्व जल दिवस’ मना रहा है। इसी कड़ी में सामाजिक संगठन “मंसूरी सोसाइटी ऑफ मेडिकल सोशल वर्कर्स” ने जल की हर एक बूंद की कीमत समझते हुए एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा नेता डॉ. अरशद मंसूरी ने इस अवसर पर आम जनता से जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की है।

डॉ. मंसूरी ने जल बचाने के लिए कुछ बेहद सरल लेकिन प्रभावी तरीके साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर हम भविष्य के जल संकट को टाल सकते हैं। जल बचाने के महत्वपूर्ण टिप्स:

पौधों को दें नया जीवन: बोतलों में बचे हुए पानी को नाली या सड़क पर फेंकने के बजाय गमलों या पेड़-पौधों में डालें।समरसेबल का सीमित प्रयोग: वाहन धोने, फर्श की सफाई या पशुओं को नहलाते समय समरसेबल का उपयोग कम से कम करें। साबुन लगाते समय मोटर बंद रखने की आदत डालें। नल को खुला न छोड़ें: ब्रश करते, नहाते या बर्तन धोते समय अक्सर पानी बहता रहता है। जरूरत न होने पर टोटी को तुरंत बंद कर दें। पानी का पुनर्चक्रण (Recycle): नहाने के बाद बाल्टी में बचे पानी को बेकार न बहाएं। गर्मियों या सर्दियों में ‘नॉर्मल’ पानी के इंतजार में बाल्टी से निकाले गए गरम या ठंडे पानी को शौचालय (Toilet) में इस्तेमाल करें। वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting): डॉ. मंसूरी ने सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाएं और वर्षा के जल को पाइप के जरिए शौचालय के टैंक से जोड़ें। डॉ. अरशद मंसूरी ने अपने संदेश में कहा, “जल ही जीवन है और इसकी बचत ही हमारा भविष्य है। अगर आज हम जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बूंद-बूंद पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।”



