
फर्रुखाबाद (सिटी पत्रिका 24X7)। देश की रक्षा करते हुए लेह की बर्फीली वादियों में शहीद हुए फर्रुखाबाद के वीर सपूत हवलदार कुलदीप यादव को शनिवार को उनके पैतृक गांव कलौली में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “शहीद कुलदीप यादव अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। हर आंख नम थी, लेकिन दिलों में अपने वीर सपूत पर गर्व भी साफ झलक रहा था।

बर्फीले ग्लेशियर पर ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा करीब 34 वर्षीय हवलदार कुलदीप यादव भारतीय सेना की 872 लाइट रेजिमेंट (तोपखाना) में तैनात थे। उनकी यूनिट इन दिनों पाकिस्तान सीमा के नजदीक लेह के पत्तापुर ग्लेशियर पर युद्धाभ्यास कर रही थी। बताया गया कि 2 मार्च को प्रशिक्षण से लौटते समय वे अचानक बर्फ में दब गए थे। साथियों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन में उन्हें बाहर निकाला गया और इलाज के बाद वे कुछ समय के लिए स्वस्थ भी हो गए। हालांकि यूनिट लौटने के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि शनिवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो नवाबगंज–फर्रुखाबाद मार्ग से लेकर कलौली गांव तक जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया। गांव की गलियों, छतों और पेड़ों तक पर लोग खड़े होकर अपने शहीद बेटे की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिए।बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि शहीद का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव के खेत में किया गया। इस दौरान सबसे मार्मिक पल तब आया जब 4 वर्षीय पुत्र राम ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दृश्य को देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सेना के अधिकारियों ने शहीद के पिता महेंद्र सिंह यादव को तिरंगा सौंपकर राष्ट्र की ओर से सम्मान प्रकट किया।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हवलदार कुलदीप यादव अपने सात भाइयों में चौथे नंबर पर थे। परिवार में उनकी माता गेंदा देवी, पिता महेंद्र सिंह यादव, पत्नी प्रियंका यादव, 6 वर्षीय बेटी मन्नत और 4 वर्षीय बेटा राम हैं। बेटे की शहादत से पूरा परिवार शोक में डूबा है, लेकिन उन्हें अपने लाल की बहादुरी पर गर्व भी है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि शहीद की अंतिम विदाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें तहसीलदार सदर सनी कनौजिया, बीडीओ नवाबगंज अमरेश चौहान और क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद अजय वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि व राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे। सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।


